RBI New Rules For CIBIL Score : सिबिल स्कोर (CIBIL Score) एक तीन अंकों का आंकड़ा होता है जो किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री पर आधारित होता है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और जितना ज्यादा स्कोर होगा, व्यक्ति की वित्तीय विश्वसनीयता उतनी ही अधिक मानी जाती है। यदि आपका स्कोर 750 या उससे ऊपर है, तो आपको आसानी से लोन या क्रेडिट कार्ड मिल सकता है और ब्याज दर भी कम हो सकती है।
क्यों जरूरी है सिबिल स्कोर?
आज के समय में सिबिल स्कोर आपकी आर्थिक छवि का आईना बन चुका है। सिर्फ बैंक ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले, मकान मालिक और यहां तक कि शादी जैसे रिश्तों में भी लोग अब सिबिल स्कोर को महत्व देने लगे हैं। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में एक युवती ने सिर्फ इसलिए रिश्ता तोड़ दिया क्योंकि लड़के का सिबिल स्कोर खराब था।
आरबीआई के नए बदलाव: सिबिल स्कोर में पारदर्शिता और सुविधा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सिबिल स्कोर से जुड़े चार अहम बदलाव किए हैं, जिससे आम जनता को लोन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।
1. अब हर 15 दिन में अपडेट होगा सिबिल स्कोर
पहले सिबिल स्कोर महीने में एक बार अपडेट होता था, लेकिन अब यह हर 15 दिन में अपडेट किया जाएगा। इससे यदि आपने कोई भुगतान समय पर किया है, तो उसका असर जल्दी स्कोर पर दिखेगा। इससे लोन लेने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
2. स्कोर चेक होने की जानकारी अब तुरंत मिलेगी
अब अगर कोई बैंक, फाइनेंशियल संस्था या थर्ड पार्टी आपका सिबिल स्कोर चेक करती है, तो आपको तुरंत SMS या ईमेल द्वारा सूचित किया जाएगा। इससे अनधिकृत एक्सेस से बचाव होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
3. साल में एक बार मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट
अब हर नागरिक को साल में एक बार अपनी फ्री क्रेडिट रिपोर्ट मिलेगी। इससे लोग अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को खुद चेक कर सकेंगे और यदि कोई गलती है तो समय रहते सुधार कर पाएंगे।
4. अब और भी डेटा होंगे शामिल
अब सिर्फ लोन और क्रेडिट कार्ड नहीं, बल्कि निम्नलिखित प्रकार के भुगतानों का रिकॉर्ड भी सिबिल स्कोर में शामिल किया जाएगा:
- बिजली बिल
- पानी का बिल
- मोबाइल/इंटरनेट बिल
- इंश्योरेंस प्रीमियम
- किराया भुगतान
इससे उन लोगों को फायदा मिलेगा जिनके पास कोई लोन हिस्ट्री नहीं है लेकिन वे समय पर बाकी भुगतान करते हैं।
कैसे सुधारें अपना सिबिल स्कोर?
1. समय पर भुगतान करें
सभी लोन की EMI, क्रेडिट कार्ड के बिल और अन्य वित्तीय दायित्वों का समय पर भुगतान करें।
2. क्रेडिट लिमिट का सीमित उपयोग करें
क्रेडिट कार्ड की उपलब्ध लिमिट का 30% से अधिक उपयोग न करें। इससे स्कोर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
3. बार-बार लोन के लिए आवेदन न करें
बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करने से स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है। हर इंक्वायरी स्कोर को थोड़ा घटा देती है।
4. पुराने खातों को बंद न करें
पुराने खाते आपकी मजबूत क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाते हैं। इन्हें बंद करना स्कोर को घटा सकता है।
5. रिपोर्ट को समय-समय पर चेक करें
अब जब स्कोर हर 15 दिन में अपडेट होगा, तो जरूरी है कि आप भी नियमित रूप से अपनी रिपोर्ट की जांच करते रहें। इससे आप समय पर गलतियों को पकड़कर सुधार सकते हैं।
सिबिल स्कोर: आपकी नई पहचान
अब सिबिल स्कोर केवल एक नंबर नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय विश्वसनीयता, समय की पाबंदी और जिम्मेदारी का प्रतीक बन चुका है। बैंक से लोन लेना हो या नौकरी की तलाश, मकान किराए पर लेना हो या शादी तय करनी हो — सिबिल स्कोर अब हर जगह मायने रखता है।
निष्कर्ष
RBI के नए नियम सिबिल स्कोर को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता अनुकूल और उपयोगी बना रहे हैं। यह बदलाव उन सभी लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं।
हर 15 दिन में अपडेट होने वाला स्कोर, फ्री क्रेडिट रिपोर्ट और बिलों का समावेश — यह सब आपके स्कोर को सटीक और व्यापक बनाएगा। यदि आप समय पर भुगतान करते हैं और अपनी फाइनेंशियल आदतों में सुधार लाते हैं, तो आप न सिर्फ एक अच्छा सिबिल स्कोर बनाएंगे बल्कि एक मजबूत आर्थिक भविष्य की ओर भी अग्रसर होंगे।