Big Holiday News: एक और सरकारी छुट्टी का ऐलान – अब सभी School, College और Bank रहेंगे बंद

Big Holiday News : हरियाणा सरकार ने 31 जुलाई 2024 को देश के महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य भर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लागू रहेगा। इस निर्णय का उद्देश्य नई पीढ़ी को शहीद उधम सिंह के बलिदान से अवगत कराना और उनके महान कृत्यों को सम्मान देना है।

कौन थे शहीद उधम सिंह?

शहीद उधम सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान योद्धा थे, जिनका नाम जलियांवाला बाग हत्याकांड से गहराई से जुड़ा हुआ है। 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश सेना के जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में हजारों निर्दोष और निहत्थे भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस नरसंहार ने उधम सिंह के मन में ब्रिटिश राज के प्रति गहरा रोष भर दिया।

उन्होंने वर्षों बाद 13 मार्च 1940 को लंदन में उस हत्याकांड के प्रमुख आरोपी माइकल ओ’डायर को गोली मार दी। इस बहादुरी के लिए ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर 31 जुलाई 1940 को पेंटनविले जेल में फांसी दे दी। तभी से हर साल 31 जुलाई को शहीद उधम सिंह की शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है।

हरियाणा सरकार का फैसला और स्कूलों में छुट्टी

हरियाणा सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि शहीद उधम सिंह की शहादत दिवस पर 31 जुलाई 2024 (बुधवार) को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश रहेगा। सरकार द्वारा यह कदम छात्रों को देश की आजादी में क्रांतिकारियों के योगदान को समझाने और उनके आदर्शों से प्रेरित करने हेतु उठाया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, सभी स्कूलों को बंद रखा जाएगा और इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से शहीद को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

पंजाब और अन्य राज्यों में भी मनाया जाता है यह दिवस

पंजाब सरकार हर साल इस दिन को बड़े स्तर पर शहीद उधम सिंह शहादत दिवस के रूप में मनाती है। इस मौके पर विद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में निबंध प्रतियोगिताएं, देशभक्ति गीत, भाषण और चित्रकला जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। छात्रों को शहीद के जीवन पर आधारित फिल्में भी दिखाई जाती हैं।

कांवड़ यात्रा 2024: भीड़ और सुरक्षा कारणों से कई शहरों में स्कूल बंद

हरियाणा के अलावा उत्तर भारत के कई शहरों में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों से स्कूलों में छुट्टियाँ घोषित की गई हैं। गाजियाबाद, नोएडा, हरिद्वार सहित कई जिलों में 27 जुलाई से 2 अगस्त 2024 तक विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।

गाजियाबाद में स्कूल बंद

गाजियाबाद प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को 27 जुलाई से 2 अगस्त तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान दुदेश्वर नाथ मंदिर, कोट मंदिर, मोहन नगर मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर भारी संख्या में कांवड़िए जुटते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु यह फैसला लिया गया है।

हरिद्वार में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद

हरिद्वार प्रशासन ने भी पूरे जिले में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। इस दौरान हरिद्वार में लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगाजल भरने आते हैं और कांवड़ यात्रा निकालते हैं।

नोएडा में ऑनलाइन मोड में होगी पढ़ाई

नोएडा प्रशासन ने 31 जुलाई से 2 अगस्त तक सभी स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की है। हालांकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए सभी विद्यालयों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान स्कूलों में फिजिकल उपस्थित की आवश्यकता नहीं होगी।

छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सूचना

  • यदि आपके बच्चे गाजियाबाद, हरिद्वार, नोएडा या हरियाणा के किसी स्कूल में पढ़ते हैं तो कृपया अपने स्कूल की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस अवश्य पढ़ें।
  • स्कूल की वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अपडेट लेते रहें।
  • यदि ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है तो समय पर लॉगिन कर बच्चे की उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
  • छात्रों को देशभक्ति कार्यक्रमों में भाग लेने और शहीद उधम सिंह के बारे में पढ़ने के लिए प्रेरित करें।

ऐसे दिवसों का महत्व

आज की पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से अवगत कराना हमारा नैतिक दायित्व है। ऐसे अवसर छात्रों में देशप्रेम, त्याग और बलिदान की भावना को जन्म देते हैं। साथ ही, यह हमें हमारे इतिहास और संस्कृति से जोड़ते हैं।

शहीद उधम सिंह का जीवन हमें यह सिखाता है कि न्याय के लिए लड़ना और अत्याचार के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्ची देशभक्ति है। उनका बलिदान केवल एक व्यक्ति की प्रतिक्रिया नहीं बल्कि पूरे देश की भावना का प्रतीक था।

निष्कर्ष

हरियाणा सरकार द्वारा 31 जुलाई को घोषित अवकाश एक सम्मानजनक निर्णय है, जो युवाओं को अपने इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों से जोड़ने का माध्यम बनता है। साथ ही, कांवड़ यात्रा के दौरान लिए गए निर्णय भी प्रशासन की संवेदनशीलता और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top