Agriculture Scholarship 2025 : सरकार ने छात्राओं को कृषि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है, जिसका नाम है – छात्राओं के लिए प्रोत्साहन राशि योजना। इस योजना के तहत राज्य की वे छात्राएं जो 10वीं पास करने के बाद कृषि विषयों से जुड़ी पढ़ाई करती हैं, उन्हें सरकार की ओर से हर साल प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह सहायता 11वीं से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को मिलती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि बेटियां आत्मनिर्भर बनें और उन्हें खेती-किसानी, बागवानी, डेयरी और कृषि विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जोड़ा जाए ताकि वे भविष्य में एक सशक्त किसान या कृषि विशेषज्ञ बन सकें।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- योग्य विषय: कृषि, बागवानी, डेयरी, कृषि इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण आदि।
- कक्षा के अनुसार वार्षिक सहायता:
- 11वीं-12वीं: ₹15,000 प्रतिवर्ष
- स्नातक (B.Sc Agri): ₹25,000 प्रतिवर्ष
- परास्नातक (M.Sc Agri): ₹25,000 प्रतिवर्ष
- पीएचडी (Ph.D): ₹40,000 प्रतिवर्ष
- कुल सहायता: पीएचडी तक की पढ़ाई करने पर लगभग ₹3 लाख तक की सहायता।
- राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
- सभी वर्गों की छात्राएं (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी) इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
पात्रता शर्तें (Eligibility)
- छात्रा राज्य की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में कृषि विषय से पढ़ाई कर रही हो।
- पिछली कक्षा सफलतापूर्वक पास की हो।
- कक्षा दोहराने पर लाभ नहीं मिलेगा, चाहे वह अंक सुधार के लिए हो या अन्य कारण से।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- पिछली कक्षा की अंकतालिका
- वर्तमान कक्षा की फीस रसीद
- कॉलेज का पहचान पत्र (ID Card)
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले SSO पोर्टल पर जाकर SSO ID बनाएं।
- जन आधार नंबर से लॉगिन करें।
- कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
- “किसान/नागरिक लॉगिन” पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म भरें और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें।
योजना की अंतिम तिथि
इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। योग्य छात्राएं समय रहते आवेदन करें।
सरकार का उद्देश्य
इस योजना के माध्यम से सरकार चाहती है कि बेटियां भी खेती-बाड़ी के क्षेत्र में शिक्षित हों और भविष्य में कृषि वैज्ञानिक, प्रोफेसर, तकनीकी अधिकारी या आधुनिक किसान बनें। इससे उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिलेगा और राज्य की कृषि व्यवस्था में भी सुधार होगा।
छात्राएं योजना से जुड़ी सभी जानकारी के लिए केवल कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें।