CET Exam 2025 : देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की बढ़ती संख्या और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली CET (Common Eligibility Test) 2025 को लेकर प्रशासन ने जबरदस्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह परीक्षा राज्य में सरकारी नौकरियों की पहली सीढ़ी है, जिसे लाखों अभ्यर्थी देने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में हरियाणा सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए परीक्षा के दिनों में अभ्यर्थियों के लिए विशेष परिवहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे उन्हें अपने परीक्षा केंद्र तक समय पर और सुरक्षित पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
CET परीक्षा 2025 के सफल आयोजन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक
हरियाणा सरकार ने CET परीक्षा के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने की, जिसमें राज्य के सभी जिलों के डीसी, एसपी, परिवहन विभाग के अधिकारी, रोडवेज महाप्रबंधक और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और अभ्यर्थियों को सभी जरूरी सुविधाएं समय पर मिलें।
गांवों से अभ्यर्थियों के लिए विशेष बस सेवा
बैठक में यह फैसला लिया गया कि परीक्षा के दिन यानी 26 और 27 जुलाई 2025 को गांवों से आने वाले छात्रों के लिए विशेष बस सेवाएं चलाई जाएंगी। परिवहन विभाग और रोडवेज को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक परीक्षा केंद्र के लिए रूट चार्ट तैयार करें और उसके अनुसार समय पर बसें रवाना करें। बसें सुबह जल्दी गांवों से चलेंगी ताकि छात्र समय से केंद्र पर पहुंच सकें।
डायल 112 और पुलिस राइडर्स भी रहेंगे सक्रिय
राज्य सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है – डायल 112 और पुलिस राइडर्स को सक्रिय रखने का निर्णय। परीक्षा के दिन किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की गश्ती गाड़ियां विशेष रूप से सड़कों पर तैनात रहेंगी। यदि किसी छात्र को समय पर सवारी नहीं मिलती, तो डायल 112 पर कॉल करने पर उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सहायता दी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद
परीक्षा के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही CCTV कैमरों की निगरानी, प्रवेश द्वार पर चेकिंग, केंद्र के चारों ओर बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाएं भी होंगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक क्विक रिस्पॉन्स टीम भी तैयार की गई है।
हेल्पलाइन और पिक-एंड-ड्रॉप की सुविधा
जो छात्र दूरदराज के क्षेत्रों से आते हैं और समय पर केंद्र नहीं पहुंच सकते, उनके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। इसके माध्यम से वे अपनी स्थिति की जानकारी देकर प्रशासन से सहायता मांग सकते हैं। जरूरत पड़ने पर पिक-एंड-ड्रॉप सेवा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि एक भी छात्र परीक्षा से वंचित न रह जाए।
अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि CET परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां 26 और 27 जुलाई को रद्द कर दी गई हैं। सभी अधिकारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है और उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे खुद मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
रूट मैप और ट्रांसपोर्ट शेड्यूल होगा ऑनलाइन
प्रशासन की ओर से यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी ट्रांसपोर्ट प्लान, रूट मैप और बस शेड्यूल को जिले की वेबसाइट, सोशल मीडिया और परीक्षा पोर्टल पर अपलोड किया जाए ताकि छात्रों को पहले से ही यह जानकारी मिल सके कि उन्हें कब और कहां से बस मिलेगी।
वैकल्पिक योजनाएं भी तैयार
राज्य सरकार ने हर संभव परिस्थिति से निपटने के लिए बैकअप प्लान भी तैयार किए हैं। यदि किसी क्षेत्र में मौसम खराब होता है या कोई और बाधा उत्पन्न होती है, तो वैकल्पिक रूट और अतिरिक्त परिवहन सेवाएं तैयार रहेंगी। साथ ही केंद्रों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट, प्राथमिक उपचार किट और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
परीक्षा के एक दिन पहले किया जाएगा मॉक ट्रायल
प्रशासन द्वारा यह निर्णय भी लिया गया है कि परीक्षा से एक दिन पहले यानी 25 जुलाई को सभी व्यवस्थाओं का मॉक ट्रायल किया जाएगा। इसके अंतर्गत बस सेवाओं का समय, पुलिस गश्त, परीक्षा केंद्रों की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था आदि की जांच की जाएगी, ताकि परीक्षा वाले दिन किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
निष्कर्ष: हर अभ्यर्थी को मिलेगा पूरा सहयोग
CET 2025 परीक्षा राज्य में लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। सरकार और प्रशासन इस बात को समझते हुए हर एक आवश्यक प्रबंध कर रहा है। चाहे बात परिवहन की हो, सुरक्षा की हो, या अभ्यर्थियों की सुविधा की – हर स्तर पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। ऐसे में छात्रों को केवल अपनी तैयारी पर ध्यान देना है, बाकी जिम्मेदारी सरकार ने खुद ले ली है।